बारिश बनी मुसीबत, जलनिकासी योजना हुई फेल।
संजय यादव,अयोध्या।
बुधवार की सुबह करीब 5:00 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कौशलपुरी, रामनगर, जनौरा, उसरू, मझवां, निराला नगर, जलावन का पुरवा, देवकाली, लालबाग, रिकाबगंज और रामनगरी सहित तमाम इलाकों में भारी जलभराव हो गया। हालत यह रही कि पवित्र रामपथ पर भी पानी लबालब भर गया।शहर के स्टेशन परिसर तक पानी से अछूता नहीं रहा। स्टेशन के ऑफिस और इंचार्ज कक्ष तक पानी पहुंच गया, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नाराजगी भी साफ देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक बारिश में स्टेशन के पोर्च में पानी भर चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
जलनिकासी योजनाओं की खुली पोल
नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई जलनिकासी योजनाएं और सीवर लाइनें बारिश की पहली बड़ी चुनौती में ही फेल हो गईं। रामघाट चौराहा, तुलसीबाड़ी, तपस्वी छावनी तिराहा, कुर्मी मंदिर (सीताकुंड), श्रीराम चिकित्सालय, स्टेशन रोड और राम पथ पर जलभराव से आमजन बेहाल हो गया।वहीं, देवकाली और वजीरगंज जप्ती जैसे इलाकों में भी सड़कें तालाब बन गईं। अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग कार्यालय के बाहर भी पानी का जमाव देखा गया।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पाण्डेय ने बताया कि जहां भी जलभराव की सूचना मिली है, वहां पम्पिंग सेट के माध्यम से पानी निकालने का प्रयास जारी है।” लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी सिर्फ कागज़ी इंतजाम ही देखने को मिले हैं।
जनता पूछ रही है आखिर कब मिलेगी राहत?
बारिश के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। गड्ढों में तब्दील सड़कों और बहते नालों के बीच आवागमन चुनौतीपूर्ण बन गया है।
जनौरा निवासी राजेश सिंह मानव ने कहा, हर साल यही हाल होता है, मगर कोई स्थायी समाधान नहीं मिलता। नगर निगम सिर्फ बारिश के बाद सफाई और पंपिंग की बातें करता है, लेकिन जब तक योजनाएं जमीन पर नहीं उतरेंगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





