पी.एम. केयर योजना में लाभान्वित बच्चों के सम्बन्ध में बच्चों के सर्वोत्तम हित में सभी वित्तीय लाभ, शैक्षिक आवश्यकताएं।
पाली।
बाल अधिकारिता विभाग, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट एल एन मंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट में ‘पी.एम. केयर योजना में लाभान्वित बच्चों के सम्बन्ध में बच्चों के सर्वोत्तम हित में सभी वित्तीय लाभ, शैक्षिक आवश्यकताएं, बोर्डिंग लॉजिंग तथा शारीरिक और मानसिक भलाई सुनिश्चित करने के लिए इस योजना में लाभार्थियों के साथ बातचीत करने हेतु त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
बाल अधिकारिता से सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने बताया कि बैठक में जिले के लाभान्वित 10 बच्चों में से 08 बच्चें तथा 02 बच्चों की ओर से उनके अभिभावक उपस्थित रहें तथा जिला प्रशासन एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग अश्विन के. पंवार, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति जितेन्द्र परिहार, डॉ. ज्योति प्रकाश अरोड़ा उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, डॉ. वेदान्त गर्ग उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भी मौजूद रहे। साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई से लेखा प्रभारी शिवलाल देवासी, कनिष्ठ सहायक श्रीमति सरोज सैन, राजकीय गृह से कन्हैयालाल कॉर्डिनेटर, चाईल्ड हेल्प लाईन यूनिट से योगेन्द्र सिंह व प्रिन्स कुमार उपस्थित रहें।
एल. एन. मंत्री जिला कलक्टर द्वारा बच्चों से भावनात्मक जुडाव के साथ बातचीत करते हुयें उनकी होसला आफजायी की तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के मध्यनजर चिकित्सा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को नियमित फॉलोअप के निर्देश दिये गये। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग, पाली अश्विन के. पंवार द्वारा बैठक में उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों से विस्तृत वार्ता कर उक्त बच्चों की वर्तमान रहवास, शैक्षणिक, आर्थिक, शारीरिक व मानसिक चिकित्सकीय प्रस्थिति पर भारत सरकार द्वारा जारी चैकलिस्ट अनुसार चर्चा की ओर उनकी बात को संवेदना के साथ सुना ओर संबंधितों को निर्देश प्रदान किये गयें।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, पाली की सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुये नाबालिग बालक/बालिकाओं की सहायतार्थ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 29 मई, 2021 से लागू ‘पी.एम. केयर फॉर चिल्ड्रन योजना’ के अन्तर्गत बालक / बालिकाओं के जीवन-यापन एवं पुर्नवास हेतु पात्रता रखने वाले प्रत्येक बच्चे को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता 23 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर प्रदान किये जाने के प्रावधान थे जिसके अन्तर्गत बाल अधिकारिता विभाग द्वारा चिन्हीत 10 बालक/बालिकाओं को जिला कलक्टर, पाली के मार्फत पी. एम. केयर पोर्टल पर स्वीकृति जारी करतें हुये जिले में उपरोक्त योजना से लाभान्वित किया गया था। साथ ही उपरोक्त बालक/बालिकाओं को केन्द्रीय प्रवर्तित योजना बालक संरक्षण सेवायें (सी.पी.एस.) अन्तर्गत गैर संस्थागत देखरेख सहायता के रूप में स्पॉन्सरशिप (प्रायोजन) सहायता राशि 4000/- प्रतिमाह भी बाल अधिकारिता विभाग से 18 वर्ष के पूर्ण होने तक या अधिकतम 03 वर्ष जो भी पहले हो तक प्रदान की गयी।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





