ब्रह्म मुहूर्त हुआ शीतला माता का पूजन।
पूजन के लिए मंदिर के बाहर लगी महिलाओं की कतारें।
घाणेराव,पाली
रियासत काल से चली आ रही गोडवाड की परम्परा के अनुसार गोडवाड क्षेत्र में सप्तमी की बजाए अष्टमी को शीतला माता का पूजन का आयोजित होता रहा। रियासत काल में गोडवाड की राजधानी रहा घाणेराव कस्बे में अष्टमी शनिवार को रावले से राजपुरोहित वाद्य यंत्रों की मंगलध्वनी के साथ महिलाएं मंगल गीत गाती हुई। मुख्य बाजार स्थित शीतला माता मंदिर व ओरी माता मंदिर पहुंच कर मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रूप से पूजन करने पश्चात कस्बे की कतारों में खड़ी अन्य छत्तीस कोम की महिलाओं ने माता का विधिवत रूप से पूजन शुरू किया जो दिन भर चलता रहा। 
Author: Rainbow News Hindustan
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