चंबल कालोनी शासकीय विद्यालय में प्लास्टिक प्रदूषण पर चर्चा एवं प्रशिक्षण।
मंदसौर
प्लास्टिक के जिन्न को बोतल में बंद करें। सिंगल यूज़ प्लास्टिक और डिस्पोजल के स्थान पर कपड़े की थैली और स्टील की ग्लास का उपयोग करें। स्थानीय शासकीय चंबल कालोनी स्कूल (केम्पस जनता कालोनी) के बच्चों से रूबरू होते हुए पर्यावरण प्रेमी श्री अजय डांगी और चन्दा डांगी ने बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण पर समझाइश दी तथा इसके आसान विकल्प भी सुझाये उन्होंने अपना छोटा सा पर्स दिखाया जिसमें स्टील के दो ग्लास, कपड़े की दो थैलियां, मोबाइल, चश्मा,पैन सब कुछ रखा जा सकता था । अपने पर्स में यह सब चीजें रखने से कोई भी व्यक्तिगत तौर पर दस से पंद्रह डिस्पोजल तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक की थैलियों के अनावश्यक उपयोग से आसानी से बच सकता है यही पर्यावरण की छोटी सी पर महत्वपूर्ण सेवा होगी। जिन प्लास्टिक पैकिंग में टाफी, नमकीन, कुरकुरे इत्यादि वस्तुएं उपयोग में लेकर प्लास्टिक पाउच को जहां- तहां फैंक देते हैं उन्हें अगर प्लास्टिक की खाली बोतल में सहेजकर रख दिया जाए तो सड़कें , गलियां और अन्य सार्वजनिक परिसर प्लास्टिक कूड़ा मुक्त हो सकते हैं। इन बोतलों का उपयोग आकर्षक रंगों में रंग कर सजावट के तौर पर हो सकता है। कार्यक्रम के अगले चरण में श्री मती डांगी ने छात्र-छात्राओं को पुराने अखबारों से लिफाफे बनाने का प्रशिक्षण दिया और कपड़े की थैलियां वितरित की। सभी छात्र -छात्राओं ने भविष्य में सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैग व डिस्पोजल का उपयोग न करने का वादा किया।इस अवसर पर संस्था प्राचार्य श्री दिनेश परमार ने हर शनिवार को स्कूल में बच्चों द्वारा अखबार से लिफाफे बनाने तथा प्रत्येक बच्चे को एक एक खाली प्लास्टिक की बोतल में प्लास्टिक का छोटा बड़ा कचरा इकट्ठा करने के लिए निर्देशित किया।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





