सरकारी अस्पताल गर्मी से लोगों को निजात दिलाने के लिए आये आगे।

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सरकारी अस्पताल गर्मी से लोगों को निजात दिलाने के लिए आये आगे।

फालना में सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले समय की तुलना में 9 डिग्री अधिक है। तेज गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दीं। दोपहिया वाहन चालकों को मुंह पर रुमाल बांधकर चलना पड़ा। बाजार मैं दोपहर के समय भी गतिविधियां लगभग ठप सी रही*
“*सरकारी अस्पताल खुडाला में चिकित्सा विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लू तापघात वार्ड को एसी वार्ड बनाया । अस्पताल परिसर कूलर एवं वाटर कूलर लगाए गए हैं। इमरजेंसी मरीजों को एसी वार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुडाला के नर्सिंग ऑफ़िसर भवर दास वैष्णव ने गर्मी से बचाव के निम्न उपाय बताए*
“*लू लगना”*
*लू लगने से मृत्यु क्यों होती है?*

*हम सभी धूप में घूमते हैं फिर कुछ लोगो की ही धूप में जाने के कारण अचानक मृत्यु क्यों हो जाती है?*
*हमारे शरीर का तापमान हमेशा 37° डिग्री सेल्सियस होता है, इस तापमान पर ही हमारे शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम कर पाते है*
*पसीने के रूप में पानी बाहर निकालकर शरीर 37° सेल्सियस टेम्प्रेचर मेंटेन रखता है, लगातार पसीना निकलते वक्त भी पानी पीते रहना अत्यंत जरुरी और आवश्यक है*
*पानी शरीर में इसके अलावा भी बहुत कार्य करता है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने पर शरीर पसीने के रूप में पानी बाहर निकालना टालता है।( बंद कर देता है )*
*जब बाहर का टेम्प्रेचर 45° डिग्री के पार हो जाता है और शरीर की कूलिंग व्यवस्था ठप्प हो जाती है, तब शरीर का तापमान 37° डिग्री से ऊपर पहुँचने लगता है।शरीर का तापमान जब 42° सेल्सियस तक पहुँच जाता है तब रक्त गरम होने लगता है और रक्त मे उपस्थित प्रोटीन पकने लगता है ( जैसे उबलते पानी में अंडा पकता है )स्नायु कड़क होने लगते है इस दौरान सांस लेने के लिए जरुरी स्नायु भी काम करना बंद कर देते हैं*
*शरीर का पानी कम हो जाने से खून गाढ़ा होने लगता है, ब्लडप्रेशर कम हो जाता है, महत्वपूर्ण अंग (विशेषतः मस्तिष्क ) तक ब्लड सप्लाई रुक जाती है।व्यक्ति कोमा में चला जाता है और उसके शरीर के एक- एक अंग कुछ ही क्षणों में काम करना बंद कर देते हैं, और उसकी मृत्यु हो जाती है*
*गर्मी के दिनों में ऐसे अनर्थ टालने के लिए लगातार थोडा थोडा पानी पीते रहना चाहिए,और हमारे शरीर का तापमान 37° मेन्टेन किस तरह रह पायेगा इस ओर ध्यान देना चाहिए।इक्विनॉक्स प्रभाव अगले 5 -7 दिनों मे एशिया के अधिकतर *भूभाग को प्रभावित करेगा।कृपया 12 से 3 के बीच ज्यादा से ज्यादा घर, कमरे या ऑफिस के अंदर रहने का प्रयास करें*
*तापमान 40 डिग्री के आस पास विचलन* *की अवस्था मे रहेगा।कृपया स्वयं को और अपने जानने वालों को पानी की कमी से ग्रसित न होने दें।किसी भी अवस्था मे कम से कम 3 ली. पानी जरूर पियें।किडनी की बीमारी वाले प्रति दिन कम से कम 6 से 8 ली. पानी जरूर लें। जहां तक सम्भव हो ब्लड प्रेशर पर नजर रखें। किसी को भी हीट स्ट्रोक हो सकता* *है।ठंडे पानी से नहाएं।..फल और सब्जियों को भोजन मे ज्यादा स्थान दें*
*अपने होठों और आँखों को नम रखने का प्रयत्न करें*

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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